दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में राजधानी समेत भारत के 14 शहर शामिल

हमेशा रैंकिग में नंबर वन होना भी सही नही रहता कुछ रैंकिग आकड़े हमें सोचनें पर मजबूर कर देते हैं ऐसा ही एक आकड़ा डब्ल्यूएचओ ने जारी किया है। दरअसल जिनीवा में डब्ल्यूएचओ की ओर से साल 2016 के लिए दुनिया के सबसे 15 प्रदूषित शहरों की सूची जारी की गई है जिनमें राजधानी समेत भारत के 14 शहर शामिल हैं। डब्ल्यूएचओ ने सालाना एक्यूआ ई के आधार पर यह लिस्ट जारी की है। जिसमें पीएम 10 और पीएम 2.5 के स्तर को शामिल किया गया है। 2010 से लेकर 2016 तक की पूरी रिपोर्ट में सबसे अधिक भारतीय शहर ही हैं।

2016 में भारत की राजधानी दिल्ली को प्रदूषित शहरों कि लिस्ट में छठवां स्थान मिला है। इस साल टॉप 14 शहरों में सभी भारतीय है। 2016 में सबसे प्रदूषित शहर कानपुर रहा जहां पीएम 2.5 का स्तर 173 रहा। इसके बाद इस लिस्ट में फरीदाबाद, वाराणसी, गया, पटना, दिल्ली, लखनऊ, आगरा, मुज्जफरपुर, श्रीनगर, गुड़गांव, जयपुर, पटियाला और जोधपुर शामिल रहे। दिल्ली में पीएम 2.5 का स्तर 143 रहा।

पुराने कुछ सालों के आकड़ो को देखें तो 2010 की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर था जिसके बाद पेशावर और रावलपिंडी का नंबर था। उस समय दुनिया के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत के अन्य शहरों में सिर्फ आगरा शामिल था। 2011 की रिपोर्ट में भी दिल्ली और आगरा प्रदूषित शहरों की लिस्ट में शामिल थे और उलानबटार दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर था। 2012 में स्थिति बदलनी शुरू हुई और दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में अकेले भारत के 14 शहर शामिल थे। 2013, 2014 और 2015 में भी दुनिया के 20 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत के चार से सात शहर शामिल थे। लेकिन बुधवार को जारी 2016 के डेटा में दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में 14 भारत के हैं। डब्ल्यूएचओ के इन आकड़ों से पता चलता है कि 2010 से 2014 के बीच में दिल्ली के प्रदूषण स्तर में मामूली बेहतरी हुई है लेकिन 2015 से फिर हालत बिगड़ने लगी है।

दिल्ली में पीएम 2.5 सलाना औसत 143 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है जो नैशनल सेफ स्टैंडर्ड से तीन गुना ज्यादा है जबकि पीएम 10 ऐवरेज 292 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है जो नैशनल स्टैंडर्ड से 4.5 गुना ज्यादा है। वैसे सेंट्रल पलूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी) ने हाल ही में दावा किया था कि 2016 के मुकाबले 2017 में वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार हुआ है। लेकिन बोर्ड ने अब तक 2017 के लिए हवा में मौजूदा पीएम 2.5 का डेटा जारी नहीं किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *