Manohar Parrikar: स्कूटर से विधानसभा जाने वाले मनोहर पर्रिकर

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) की कुछ दिन पहले काम करते हुए नाक में श्वसन नली लगी फोटा वायरल हुई थी जिससे यह बहुत ही सहजता से पता चलता है राज्य के काम के प्रति पर्रिकर की क्या दीवानगी रही होगी। आम लोगों में यह खबर हमेशा आम रही की पर्रिकर कभी भी आपको अपनी स्कूटी से जाते दिख जाते हैं और ऐसी तस्वीरें मीडिया में काफी चर्चित रहीं हैं। पर्रिकर की सादगी और साफगोई की विरोधी भी तारीफ करते रहें हैं। साल 2001 में पर्रिकर को आईआईटी बॉम्बे ने विशिष्ट एल्यूमिनी अवॉर्ड से सम्मानित किया था।

पर्रिकर पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) का 63 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने अपने आवास पर अंतिम सांस ली। देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर निधन पर दुख जताया। पर्रिकर का दिल्ली के एम्स में में काफी दिनों से इलाज चल रहा था। गोवा के तीन बार मुख्यमंत्री रहे मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) की छवि हमेशा सादगी भरी रही। मीडिया में मनोहर पर्रिकर को अक्सर स्कूटर पर यात्रा करने वाले नेता के तौर पर पेश किया जाता रहा है। पर्रिकर पणजी में स्थानीय बाजारों से खरीदारी के लिए स्कूटर का इस्तेमाल करते थे। पर्रिकर को साइकिल चलाना भी बेहद पसंद था। वो खाली वक्त में साइकिल चलाया करते थे।

आपको बता दें कि 13 दिसंबर 1955 को उत्तरी गोवा के मापुसा में जन्मे मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) की स्कूली शिक्षा गोवा में ही मारगाओ से हुई। जिसके बाद पर्रीकर ने 1978 में आइआइटी बॉम्बे से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। पर्रिकर आईआईटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद साल 1981 में मेधा पर्रिकर से शादी हुई थी। साल 2000 में मनोहर पर्रिकर की पत्नी मेधा पर्रिकर का कैंसर के कारण ही निधन हो गया था।

गौरतलब है कि पिछले साल कैंसर का इलाज कराने के लिए मनोहर पर्रिकर अमेरिका भी गए थे। अमेरिका से इलाज करा कर वो 15 सितंबर को वापस देश लौटे थे, वह पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे

मनोहर पर्रिकर ने साल 1988 में राजनीति में कदम रखा था और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े। साल 1994 में वह पहली बार पणजी गोवा विधानसभा में विधायक चुने गए थे। राजनीति में उतरने से पहले मनोहर पर्रीकर (Manohar Parrikar) का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से भी जुड़ाव था। वह आरएसएस की उत्‍तर गोवा यूनिट में सक्रिय थे। वर्ष 2000 में वह पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने। उनकी छवि आम आदमी के सीएम के रूप में थी। हालांकि, उनकी पहली सरकार फरवरी 2002 तक ही चल सकी। पर्रिकर चार बार इस सीट से जीतते रहे। बता दें कि पर्रिकर किसी आईआईटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद देश के किसी राज्य के मुख्यमंत्री बनने वाले पहले व्यकित थे। अपने सादे जीवन के लिए पहचाने जाने वाले पर्रिकर 1994 से 2001 तक गोवा में बीजेपी के महासचिव और प्रवक्ता थे।

गौरतलब है कि गोवा के मुख्यमंत्री होने के बावजूद पर्रिकर स्कूटर से विधानसभा जाया करते थे। रक्षामंत्री रहने के दौरान भी वे प्लेन में इकोनॉमी क्लॉस में ही सफर करते थे। पर्रिकर की छवि देश के बेदाग नेता वाली थी। किसी भी घोटाले में उनका नाम नहीं आया था। उनकी सादगी ऐसी थी कि वे बड़े-बड़े सम्मेलनों में हवाई चप्पल और हॉफ शर्ट में भी पहुंच जाते थे।

सोमवार को सुबह 11 बजे पार्रिकर के श्रद्धांजलि देने के लिए केंद्रीय कैबिनेट की बैठक बुलाई गई है। तथा पर्रिकर के निधन पर एक दिन का राष्ट्रीयशोक की घोषणा भी कर दी गई है।

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