IPL में रोमांच का एक और तड़का, अब दूसरी फ्रैंचाइजी के लिए भी खेल सकेंगे क्रिकेटर्स

आईपीएल 11 का रोमांच हर मैच के साथ कुछ न कुछ बढ़ ही जाता है। आईपीएल 11 के आधे सफर हो जाने के बाद मैचों में रोमांच का एक और तड़का बीसीसीआई ने लगा दिया है। दरअसल बीसीसीआई ने फुटबॉल की तर्ज पर आईपीएल इतिहास में पहली बार मिड सीजन ट्रांसफर प्रक्रिया शुरु की है, जिसमें दो फ्रेंचाइजी आपस में खिलाड़ियों की अदला-बदली कर सकती हैं। अगर किसी फ्रेंचाइजी को लगता है कि दूसरी टीम का खिलाड़ी उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है तो वे अपने एक खिलाड़ी के बदले दूसरे को खरीद सकते हैं। क्रिकेट के किसी टूर्नामेंट या लीग में ‘मिड सीजन ट्रांसफर’ पहली बार हो रहा है। अभी तक यह फुटबॉल लीग में चलता रहा है मगर आईपीएल 2018 के जरिए क्रिकेट में इसका आगाज गया है। 29 अप्रैल से शुरू हुई यह प्रक्रिया 10 मई तक चलेगी। इस दौरान कैप्ट (Caped) और अनकैप्ट (Uncaped), दोनों तरह के खिलाड़ी एक टीम से दूसरी टीम में ट्रांसफर किए जा सकते हैं। हालांकि उन्हीं कैप्ट प्लेयर्स का ट्रांसफर हो सकेगा, जिन्होंने दो या इससे कम मैच खेले हैं।

गौरतलब है कि आईपीएल में हर टीम के पास अधिकतम 25 खिलाड़ी हैं, लेकिन सभी खिलाड़ियों को खेलने का मौका मिले ऐसा संभव नही होता कई बार बड़े खिलाड़ियों को भी बेंच पर ही बैठकर पूरा सत्र गुजारना पड़ जाता है। पहली बार मिड सीजन ट्रांसफर की मांग 2016 में हुई थी, जब डेल स्टेन को अधिकांश समय गुजरात लॉयंस की बेंच पर बैठकर गुजारना पड़ा था। उस वक्त कई ऐसी टीमें थी जिन्हें विदेशी अच्छे तेज गेंदबाज की जरूरत थी। आईपीएल गवर्निंग काउंसिल में यह मुद्दा उठा था और मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा पहले कप्तान थे, जिन्होंने इसका समर्थन किया था। तब रोहित ने कहा था, मिड सीजन ट्रांसफर से टीमों को मौका मिलेगा कि वे अपने टीम को मजबूत कर पाएंगे। इसके अलावा टीमें यह भी देखेगी कि उन्हें कौनसा खिलाड़ी मिल सकता है। ऐसी स्थिति बन सकती है जब किसी फ्रेंचाइजी को कोई खिलाड़ी चाहिए हो और वो उन्हें मिल जाए।

कौन से खिलाड़ी होंगे ट्रांसफर?

दरअसल, इसमें सभी खिलाड़ी हिस्सा नहीं ले सकते हैं। इसमें केवल उन खिलाड़ियों को मौका मिलेगा जिन्होंने अब तक आईपीएल में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया है या कोई मैच नहीं खेला है। ये खिलाड़ी हो सकते हैं ट्रांसफर:

  1. कैप्ड और अनकैप्ड, दोनों तरह के खिलाड़ी ट्रांसफर किए जा सकते हैं।
  2. वे कैप्ड खिलाड़ी ही इस प्रक्रिया का हिस्सा होंगे जिन्होंने आईपीएल-2018 के 28 मैचों तक के सफर में दो से कम मैच खेले हैं।
  3. अनकैप्ड खिलाड़ियों में सभी को ट्रांसफर किया जा सकता है। इसमें उनके मैच खेलने या नहीं खेलने की बंदिश नहीं है।
  4. इस ट्रांसफर तभी हो सकता है जब दोनों टीमों के साथ-साथ खिलाड़ी भी इसके लिए तैयार हो।

जानकारी के अनुसार देखें तो जिन खिलाड़ियों का ट्रांसफर हो सकता है, उनमें मोईन अली (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू), जेपी डुमिनी (मुंबई इंडियंस), एलेक्स हेल्स (सनराइजर्स हैदराबाद), ईश सोढ़ी (राजस्थान रॉयल्स) और संदीप लामिछाने (दिल्ली डेयरडेविल्स) आदि जैसे खिलाड़ी शामिल हैं जो एक फ्रेंचाइजी से दुसरे फ्रेंचाइजी में जा सकतें हैं।

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