वहीं नेहरू के बाद इंदिरा गांधी का भी अरुणाचल प्रदेश से लगाव बना रहा और वो अरुणाचल प्रदेश दौरे पर वहा के लोगों और मुख्य रूप से आदिवासी लोगों से मिलतीं उनके हाल जानती, साथ ही खाना भी खाती ये उनका वहां के लोगों के साथ प्यार ही रहा और शायद यही कारण भी रहा कि जो नेफा के नाम से मशहूर रहे अरुणाचल प्रदेश को इंदिरा की सरकार में 20 जनवरी 1972 को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। और इसका नाम 'अरुणाचल प्रदेश' किया गया। इस नाम का मतलब था कि भारत का ‘सूर्य उदय’ इस पहाड़ी प्रदेश से होता है। इंदिरा के बाद राजीव गांधी और सोनिया गांधी भी अरुणाचल प्रदेश से हमेशा जुड़ी रहीं और वहां कई बार निजी व राजनीतिक दौरे पर रहीं। स्वर्गीय राजीव गांधी और सोनिया गांधी कई बार अरुणाचल की यात्रा पर आए और आदिवासी परिवारों से मिले और अरुणाचल के लिए कई योजनाओं को मंजूरी दी और हमेशा अरुणाचल के लोगों के लिए दिल में एक खास जगह बनी रही। अरुणाचल के लोगों का भी गांधी-नेहरू परिवार के प्रति गहरा भावनात्मक प्रेम और लगाव रहा। राजीव गांधी का अरुणाचल के लोगों के लिए प्यार ही था कि राजीव सरकार में केन्द्र शासित अरूणाचल प्रदेश को 20 फरवरी, 1987 को पूर्ण राज्‍य का दर्जा दिया गया। और यह भारतीय संघ का 24वां राज्य बना। राज्‍य में 16 जिले हैं। राज्‍य की राजधानी ईटानगर पापुम पारा जिले में हैं। ईटानगर नाम ईटा किले पर पड़ा है जिसका अर्थ है ईंटों का किला, जिसे 14 सदी पूर्व बनाया गया था।"/>
80 Views

एक ऐसा प्रदेश जो भारत के पूर्वोत्तर में बसा हुआ है, तीन तरफ से भूटान, चीन एवं म्यांमार से घिरे इस राज्य के नाम लेनेभर से इसके दर्शनीय सौंदर्य, संस्कृति,विरासत, सुंदर पहाड़ तथा घुमावदार मार्ग, प्राकृतिक हरियाली आपको सुकून से भर देता है। इस प्रदेश को लेकर गांधी-नेहरू परिवार हमेशा ही अपने दिलों में खास जगह रखता है और यही कारण है कि अरुणाचल प्रदेश में भारत निर्माण के नायकों में से एक भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू अरूणाचल प्रदेश से किसी न किसी कारण से वहां भ्रमण करते रहें । हालांकि सन 1962 से पहले इस राज्य को नार्थ-ईस्ट फ्रंटियर एजेंसी (नेफा) के नाम से जाना जाता था। संवैधानिक रूप से यह असम का ही एक भाग था परंतु सामरिक महत्त्व के कारण 1965 तक यहाँ के प्रशासन की देखभाल विदेश मंत्रालय करता था। 1965 के पश्चात असम के राज्पाल द्वारा यहाँ का प्रशासन गृह मंत्रालय के अन्तर्गत आ गया था।
वहीं नेहरू के बाद इंदिरा गांधी का भी अरुणाचल प्रदेश से लगाव बना रहा और वो अरुणाचल प्रदेश दौरे पर वहा के लोगों और मुख्य रूप से आदिवासी लोगों से मिलतीं उनके हाल जानती, साथ ही खाना भी खाती ये उनका वहां के लोगों के साथ प्यार ही रहा और शायद यही कारण भी रहा कि जो नेफा के नाम से मशहूर रहे अरुणाचल प्रदेश को इंदिरा की सरकार में 20 जनवरी 1972 को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिया गया। और इसका नाम ‘अरुणाचल प्रदेश’ किया गया। इस नाम का मतलब था कि भारत का ‘सूर्य उदय’ इस पहाड़ी प्रदेश से होता है।

इंदिरा के बाद राजीव गांधी और सोनिया गांधी भी अरुणाचल प्रदेश से हमेशा जुड़ी रहीं और वहां कई बार निजी व राजनीतिक दौरे पर रहीं। स्वर्गीय राजीव गांधी और सोनिया गांधी कई बार अरुणाचल की यात्रा पर आए और आदिवासी परिवारों से मिले और अरुणाचल के लिए कई योजनाओं को मंजूरी दी और हमेशा अरुणाचल के लोगों के लिए दिल में एक खास जगह बनी रही। अरुणाचल के लोगों का भी गांधी-नेहरू परिवार के प्रति गहरा भावनात्मक प्रेम और लगाव रहा।
राजीव गांधी
का अरुणाचल के लोगों के लिए प्यार ही था कि राजीव सरकार में केन्द्र शासित अरूणाचल प्रदेश को 20 फरवरी, 1987 को पूर्ण राज्‍य का दर्जा दिया गया। और यह भारतीय संघ का 24वां राज्य बना। राज्‍य में 16 जिले हैं। राज्‍य की राजधानी ईटानगर पापुम पारा जिले में हैं। ईटानगर नाम ईटा किले पर पड़ा है जिसका अर्थ है ईंटों का किला, जिसे 14 सदी पूर्व बनाया गया था।

अनwar

By अनwar

सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित कभी नहीं !! follow me at Twitter @mdanwar010

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *