सावधान हों जाएं अमूल और मदर डेयरी जैसे ब्रांडेड दूध भी मानक-स्तर में हुए फेल

आप दिल्ली एनसीआर में रहतें हैं और मदर डेयरी या अमूल जैसे ब्रांडेड दूध का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपको परेशान कर सकती है। दरअसल दिल्ली-एनसीआर में दूध के 165 सैंपल में से 21 सैंपल मानक स्तर पर फेल पाए गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसमें पानी और दूध के पाउडर की मिलावट पाई गई है। इन सैंपल्स में मदर डेयरी और अमूल जैसे ब्रांड भी शामिल हैं। दिल्ली सरकार के खाद्य अपमिश्रण विभाग की जांच में इस बात का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के बारे में बताते हुए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने (4 मई) को कहा कि जिन दूध के सैंपल्स मानक स्तर पर फेल पाए गए हैं, वो सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक नहीं हैं। हालांकि इस दूध में पोषक तत्वों निर्धारित स्तर से कम पाए गए हैं।

जैन ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मानकों पर खरा नहीं उतरने से अभिप्राय यह है कि वसा की मात्रा पांच फीसदी होनी चाहिए, लेकिन वह तीन फीसदी ही पाई गई। दूध के विफल पाए गए 21 नमूनों में से ज्यादातर में मिलावट पाई गई। सीधे शब्दों में कहें तो पानी या दूध का पाउडर मिला हुआ था। उन्होंने कहा कि जांच का यह अभियान जारी रहेगा और पनीर व खोया जैसे दुग्ध उत्पादों की भी जांच की जाएगी। पूरे शहर से 13 और 28 अप्रैल के दौरान लिए गए गए 177 नमूनों की जांच की गई, जिनमें 165 के नतीजे आए हैं। इनमें 21 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि जिन मामलों में मिलावट पाई गई है, उन पर 50 हजार से पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

जैन ने बताया कि घी के भी तीन नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें एक गैर-ब्रांड वाला उत्पादन असुरक्षित पाया गया। उन्होंने कहा, “मसला दिल्ली विधानसभा में उठाया गया, जिसके बाद मैंने दिल्ली में दूध के नमूने इकट्ठा करने के आदेश दिए।” उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने 18 खाद्य निरीक्षकों को नियुक्त किया है, जिसके बाद नमूनों की जांच में तेजी आई है। साथ ही जैन ने कहा किसी भी हालत में मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी यदि कोई पकड़ा जाता है तो उसके लिए उसे छह महीने से तीन साल तक कारावास का प्रावधान है।

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