46 Views

कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों, ज़रूरतमंदों और गरीबों के अपने घरों के लिए पैदल निकलने को लेकर पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने बिना किसी तैयारी के ‘लॉकडउन’ का फैसला लिया है। चिदंबरम ने पूछा है कि आखिर लॉकडाउन में अपने घरों की ओर लौट रहे प्रवासी मज़दूरों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें क्या कर रही हैं?

चिदंबरन ने ट्ववीट किया है, “केंद्र और राज्य सरकारें उन प्रवासी श्रमिकों के बारे में क्या कर रही हैं, जिन्हें शहरों और कस्बों को छोड़ने की अनुमति दी गई थी और जो अपने गांवों में वापस जाने का रास्ता तलाश रहे हैं?” वहीं, एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा, “भीड़-भाड़ वाली बसों या पैदल गांवों में वापस जाने से लॉकडाउन में काफी गिरावट आई है। यह सरकारों की बिना तैयारी का एक और संकटपूर्ण उदाहरण है।”

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, भारत में अब तक कुल 873 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिसमें से 775 व्यक्ति अभी भी कोविड-19 से ग्रस्त हैं। देश में कोरोना वायरस महामारी के चलते 20 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, इलाज के बाद 78 लोग पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *