विश्व कैंसर दिवस: तंबाकू नियंत्रण से कैंसर मरीजों की संख्या होगी आधी

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के आंकड़ों के मुताबिक प्रति वर्ष देश में 14 लाख से अधिक कैंसर मरीज सामने आ रहे हैं। इसमें से करीब 45 फीसदी पुरुष मरीजों में कैंसर की वजह धूम्रपान और तंबाकू को बताया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि धूम्रपान और तंबाकू के सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया जाए तो देश में कुल पुरुष कैंसर मरीजों की आधी संख्या इस खतरनाक बीमारी की चपेट में आने से बच जाएगी।

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धूम्रपान और तंबाकू की वजह से सिर्फ मुंह और गले के अलावा गर्भाशय, लिवर, किडनी, मलाशय, ब्लड, पेट, भोजन नली, थैली, अग्नाशय सहित कुछ अन्य तरह के कैंसर हो रहे हैं। पुरुषों में होने वाले 45 फीसदी कैंसर की वजह धूम्रपान को बताया जा रहा है, जबकि 17 फीसदी महिलाओं में कैंसर की वजह धूम्रपान बन रहा है। 80 फीसदी मुंह के कैंसर के लिए सीधे तौर पर तंबाकू और धूम्रपान जिम्मेदार है।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च के निदेशक डॉ. प्रो. रवि मेहरोत्रा का कहना है कि सिर्फ तंबाकू और धूम्रपान पर नियंत्रण करके कैंसर मरीजों की संख्या आधी की जा सकती है। धूम्रपान और तंबाकू के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए बनाए गए नियम-कानून को सख्ती से लागू किया जाना जरूरी है। 35 से 70 वर्ष के लोग कैंसर से सबसे ज्यादा पीड़ित हो रहे हैं। वर्ष 2011 में सरकार की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक तंबाकू और धूम्रपान से होने वाली बीमारियों पर सलाना 1,04,500 करोड़ रुपये खर्च होते हैं, जिसमें 16 फीसदी प्रत्यक्ष तौर पर और 84 फीसदी अप्रत्यक्ष तौर पर खर्च हो रहा है।

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