यूजीसी नेट के लिए आधार नंबर जरुरी, 11 अगस्त से भरे जाएंगे फार्म।

यूजीसी नेट के लिए आधार नंबर जरुरी, 11 अगस्त से भरे जाएंगे फार्म-विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) के लिए भी अब आधार नंबर अनिवार्य कर दिया है। सीबीएसई ने यूजीसी नेट- 2017 की परीक्षा का कार्यक्रम जारी करते हुए आवेदन के साथ आधार कार्ड को अनिवार्य बनाने के आदेश दिए है। यूजीसी नेट की परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया 11 अगस्त से शुरु होगी। वहीं इसकी परीक्षा 5 नवंबर को होगी।

सीबीएसई ने यूजीसी नेट 2017 का परीक्षा कार्यक्रम जारी करते हुए बताया है कि आवेदन करने की अंतिम तारीख 11 सितंबर होगी। जो आनलाइन होगी। जबकि परीक्षा की फीस 12 सितंबर तक जमा । की जा सकती है। बोर्ड ने इस परीक्षा को और ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाए है। इस दौरान कोई भी आवेदक परीक्षा के लिए एक बार ही आवेदन कर सकेगा। यूजीसी नेट की यह परीक्षा विश्वविद्यालयों और कालेजों में पढ़ाने वाले सहायक प्रोफेसर और जूनियर रिसर्च फेलोशिप के चयन के लिए आयोजित की जाती है। गौरतलब है कि अब फॉर्म भरने के लिए स्टूडेंट्स को आधार कार्ड नंबर भरना होगा। सीबीएसई ने पहली बार इस परीक्षा में आधार नंबर को अनिवार्य किया है।

हालांकि जम्मू कश्मीर, असम और मेघालय राज्य में परीक्षा फॉर्म में आधार नंबर की जरूरत नहीं होगी। इन राज्यों के आवेदकों को फॉर्म भरते समय राशन कार्ड नंबर, बैंक अकाउंट नंबर, पासपोर्ट नंबर या किसी अन्य पहचान संख्या भरनी होगी।

जेआरएफ आवेदन के लिए अधिकतम आयु 28 साल होनी चाहिए

आयु सीमा : जेआरएफ के लिए सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी की अधिकतम आयु 28 वर्ष होनी चाहिए। वहीं, एएससी, एसटी, ओबीसी, विकलांग महिला उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा में पांच वर्ष तक की छूट प्रदान की जाती है। उन उम्मीदवारों को भी पांच वर्ष की छूट दी जाती है। जिन्होंने पीजी, संगत विषय में अनुसंधान या प्रशिक्षण पर यह अवधि व्यतीत की हो, बशर्ते इसका प्रमाण पत्र उपयुक्त प्राधिकारी द्वारा प्रस्तुत किया गया हो। एलएलएम उपाधि रखने वाले उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाती है। किसी भी आधार पर आयु सीमा में छूट पांच वर्ष से अधिक नहीं होगी। नेट के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है।

परीक्षा स्कीम : तीन पेपर होंगे

यूजीसी नेट के तीनों पेपर बहुविकल्पी सवालों पर आधारित होंगे। गौरतलब है कि यूजीसी नेट परीक्षा पहले जून व दिसंबर में दो सत्रों में होती थी, लेकिन अब एक बार ही पांच नवंबर को परीक्षा होगी। परीक्षा दो पारियों में होगी। पहली में दो पेपर होंगे। प्रत्येक 100-100 अंक का होगा। प्रत्येक पेपर को हल करने के लिए 1.15 घंटे का वक्त मिलेगा।

प्रथम पारी में परीक्षा का समय सुबह 9.30 से 10.45 बजे तक और सुबह 10.45 से दोपहर 12 बजे तक रहेगा। दूसरी पारी में तृतीय पेपर 150 अंकों का होगा। 2.30 घंटे का समय मिलेगा। प्रत्येक पेपर में एक प्रश्न दो अंकों का होगा। प्रथम पेपर अध्यापन व अनुसंधान में अभिरुचि का मूल्यांकन करने के लिए सामान्य स्वरूप का होता है तथा तर्कशक्ति योग्यता, समझ, चिंतन व सामान्य जागरूकता का होता है।

दिसंबर 2009 से यूजीसी नेट परीक्षा के प्रथम पेपर में विकल्प दिए जा रहे हैं, इसमें कुल 60 प्रश्नों में किन्हीं 50 सवालों का जवाब देने होते हैं। तृतीय पेपर का मूल्यांकन केवल उन्हीं उम्मीदवारों का किया जाता है, जो प्रथम व द्वितीय पेपर में न्यूनतम अंक प्राप्त करते हैं।

न्यूनतम अंक

सामान्य अभ्यर्थियों को प्रथम व द्वितीय पेपर में न्यूनतम 40 फीसदी अंक तथा तृतीय पेपर में 50 फीसदी अंक लाने अनिवार्य है। आरक्षित वर्ग को पांच अंकों की छूट मिलेगी। यूजीसी पूर्व में नेट परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के टॉप 15 फीसदी उम्मीदवारों को क्वालीफाई करती थी। अब केरल हाईकोर्ट के आदेशानुसार संशोधित किया है कि प्रत्येक विषय व वर्ग के आधार पर न्यूनतम अर्हता प्राप्त अंक वालों के 6 फीसदी उतीर्ण किए जाएंगे।

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