बेटियों पर बीएचयू में हुआ लाठीचार्ज, जानें क्या है पूरा मामला

बेटियों पर बीएचयू में हुआ लाठीचार्ज, जानें क्या है पूरा मामला:-बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में पिछले तीन दिनों से चल रहा प्रदर्शन शनिवार रात अचानक हिंसक हो गया। बीएचयू कैंपस के अंदर एक लड़की के साथ छेड़खानी होने के बाद कुछ छात्राएं इसका विरोध करते हुए अनशन पर बैठ गईं थी और अपनी कुछ माँगें कुलपति के सामने रखी।

दरअसल मामला गुरुवार की शाम 7 बजे के करीब जब एक छात्रा अपने हॉस्टल की ओर जा रही थी तब कुछ लड़कों ने उस के साथ छेड़खानी की। छात्रा ने मदद के लिए गुहार लगाई लेकिन कोई मदद करने के लिए नहीं आया। छात्रा का कहना था कि थोड़ी ही दूर में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने छात्रा को इस छेड़खानी से बचाने के लिए कुछ नहीं किया। इस घटना के थोड़ी देर बाद कुछ छात्राएं गर्ल्स हॉस्टल में धरना पर बैठ गईं। अगले दिन इन छात्राओं ने लंका गेट के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। पिछले तीन दिनों से छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी था। इनकी मांग थी कि वाइस चांसलर मौके पर आकर उनकी समस्याओं को सुनें और उनका समाधान निकालें। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद रात करीब 11 बजे प्रदर्शनकारी छात्रछात्राएं वीसी के घर की ओर जाने लगे। यहां उनकी झड़प बीएचयू के गार्डों से हुई। इसके बाद पथराव हुआ। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारी फिर बीएचयू के गेट पर आकर बैठ गए। वहां स्थानीय पुलिस पहुंची और धरने पर बैठे छात्रछात्राओं को हटाने की कोशिश करने लगी। जब ये लोग नहीं हटे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रछात्राओं पर जमकर लाठीचार्ज किया, जिसमें कुछ छात्रछात्राएं घायल भी हुए हैं। फिलहाल मौके पर भारी सुरक्षाबल की तैनाती कर दी गई है और बीएचयू के गेट पर प्रदर्शन कर रहे लड़केलड़कियों को वहां से पूरी तरह हटा दिया गया है।

क्या है छात्राओं की मांग :

  • छेड़खानी के दोषियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की जाए।
  • परिसर के सभी अंधेरे रास्तों और चौराहों पर लाईट की व्यवस्था की जाए।
  • 24/7 सुरक्षा गार्डों को परिसर की सुरक्षा के लिए तैनात की जाए।
  • परिसर में सभी प्रशासनिक कर्मचारियों और अध्यापकों में लैंगिंक संवेदनशीलता लाई जाए।
  • महिला छात्रावास के अधिकारीगण तथा अन्य सहायक कर्मचारियों में सामंजस्य को बढ़ावा दिया जाए।
  • लापरवाह और गैरज़िम्मेदार सुरक्षकर्मियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई हो।
  • यूनिवर्सिटी के सभी प्रवेश द्वार पर चेक पॉइंट बनाए जाए।
  • GSCASH (Gender sensitisation commitee against sexual harashment) का स्थापना हो।
  • यूनिवर्सिटी के अंदर महिला हेल्पलाइन नंबर हो।
  • छात्राओं की सुरक्षा को लेकर UGC के गाइडलांइस फॉलो किया जाए।

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