एसबीआई ने घटाई न्यूनतम बैलेंस लिमिट, अब 5 की बजाय 3 हजार रुपए।

एसबीआई ने घटाई न्यूनतम बैलेंस लिमिट, अब 5 की बजाय 3 हजार रुपए:-सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने मिनिमम मंथली एवरेज बैलेंस (एमएबी) लिमिट को कम कर दिया है। अब मेट्रो शहरों भारतीय स्टेट बैंक ने बचत खातों में न्यूनतम शेष राशि की सीमा को 5,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये कर दिया है। एसबीआई ने कहा कि पेंशनभोगियों और नाबालिगों (18 साल से कम उम्र के) को खाते में न्यूनतम शेष की अनिवार्यता से छूट मिलेगी। यह नया नियम 1 अक्टूबर से प्रभावी होगा। बैंक ने बताया कि उसने फैसला किया है कि मेट्रो शहरों में मिनिमम एवरेज बैलेंस को घटाकर 3,000 रुपए कर दिया जाए। वहीं शहरी, अर्ध शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मिनिमम बैलेंस की शर्त क्रमश: 3,000 रुपए, 2,000 रुपए और 1,000 रुपए पर बरकरार रहेगी। यह जानकारी बैंक की वेबसाइट के जरिए सामने आई है।

गौरतलब है कि एसबीआई ने पांच साल के अंतराल के बाद इस साल अप्रैल में मासिक औसत बैलेंस बरकरार नहीं रखने पर शुल्क को फिर से लागू किया था। इसके तहत खाते में मासिक औसत नहीं रख पाने पर 100 रुपये तक के शुल्क और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) का प्रावधान किया गया था। शहरी इलाकों में मासिक औसत बैलेंस पांच हजार रुपये तय किया गया था। इसके 50 प्रतिशत कम हो जाने पर 50 रुपये और जीएसटी का तथा 75 प्रतिशत कम हो जाने पर 100 रुपये और जीएसटी का प्रावधान था। ग्रामीण इलाकों के लिए मासिक औसत बैलेंस 1000 रुपये तय किया गया था तथा इससे बरकरार नहीं रखने पर 20 से 50 रुपये और जीएसटी का प्रावधान किया गया था।

दरअसल लंबे समय से एसबीआई की मिनिमम बैलेंस की रकम इतनी ज्यादा होने के चलते इसपर सवाल उठाए जा रहे थे और बैंक पर दबाव था कि वो इसमें थोड़ी कटौती करे. आज इस ऐलान से एसबीआई ने निश्चित तौर पर अपने अकाउंट होल्डर्स के लिए एक बड़ी राहत दी है।

चार्ज में भी हुआ संशोधन: बैंक ने अपने एक बयान में कहा है कि वहीं सेविंग अकाउंट में मिनिमम एवरेज बैलेंस न रखने की सूरत में लगने वाले चार्ज (शुल्क) को 20 से 50 फीसद तक कम किया गया है जो कि सभी वर्ग के लोगों और सभी श्रेणियों पर लागू होगा।

मिनिमम बैलेंस न रखने पर क्या था जुर्माना: सेमी अर्बन (अर्ध शहरी) और ग्रामीण क्षेत्रों में मिनिमम एवरेज बैलेंस न मेंटेन करने पर 20 से 40 रुपए तक का शुल्क वसूला जाता था, जो कि अब 25 से 75 रुपए हो गया है। वहीं शहरी और मेट्रो शहरों में यह 30 से 50 रुपए था, जो कि मौजूदा समय में 50 से 100 रुपए है।

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