आतकवाद से ज्यादा खतरनाक है मोहब्बत

मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा है!
सावन के कुछ भीगे भीगे दिन रखे हैं!!

और मेरे एक खत में लिपटी रात पड़ी है!
वो रात भुला दो,मेरा वो सामान लौटा दो!!

गुलजार साहब के लिखे ये बोल प्यार के जज्बात को ब्यांन करते है यकीनन मोहब्बत बहुत ही खुबसूरत जज्बात है ये एक एहसास है, जिसे रूह से महसूस किया जा सकता है। प्यार, जो हमारे संपूर्ण जीवन में विभिन्न रूपों में सामने आता है, यह एहसास दिलाता है कि जिन्दगी कितनी खूबसूरत है। प्रेम इन्सान की सोच, उसके व्यवहार व वाणी सब कुछ में परिवर्तन ले आता है। मैं तो कहता हूँ कि प्रेम इंसान को सभ्य बना देता है लेकिन इस भाग दौर भरी जिंदगी में रिश्तों मे कब करवाहत आ जाए ये कहा नही जा सकता और टूटे प्यार के रिश्तों से मिले ज़ख्मो से उबरना बहुत आसान काम नहीं है। लम्बे समय तक अपने साथी के साथ रहते हुए आपकी जीवन शैली में कई बदलाव आ चुके होते हैं। इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि किसी को छोड़ देने कि अपेक्षा किसी के द्वारा छोड़ दिया जाना अधिक पीड़ादायक होता है। आपके सम्मान को गहरी ठेस पहुँचती है। वैसे टूटे हुए रिश्ते दोनों सूरत में मुश्किल ही होते हैं ऐसी स्थति मे प्यार में नाकामयाब लोग तनाव में आकर खुदखुशी का रास्ता अपनाने है ऐसा हम नही सरकारी आकड़े बताते है  भारत में प्यार आतंकवाद से बड़ा मौत का कारण है। लेकिन पिछले 15 सालों में प्यार में पड़कर जितने लोगों ने जान गंवाई है वह आतंकी हमले में मरने वाले लोगों से कई गुणा ज्यादा है। भारत में 2001 से 2015 तक आधिकारिक रुप से 38,585 हत्याएं और गैर इरादतन हत्याएं हुई थी। यहीं नहीं प्यार में नाकामी भी खुदकुशी की एक बड़ी वजह है, सरकारी आंकड़े बताते हैं कि इस दौरान 79,189 लोगों ने प्यार में अलग अलग वजहों से जान दे दी। इसके अलावा 15 साल की इस अवधि में 2 लाख 60 हजार किडनैपिंग के केस दर्ज किये गये, अपहरण की इन वारदातों की मुख्य वजह किडनैप की गई लड़की से शादी करना था।

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एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक 2001 से 2015 के दौरान आतंकवाद की वजह से पूरे देश में 20 हज़ार जानें गईं। इन आंकड़े में सामान्य नागरिक और सुरक्षा बल भी शामिल हैं। प्यार के लिए की गई हत्याओं में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है, जबकि पहले नंबर पर आंध्र प्रदेश है। इसके बाद महाराष्ट्र, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश का नंबर आता है। इन सभी राज्यों में औसतन 3 हजार हत्याएं प्रेम के नाम पर की गईं। इन आंकड़ों का मतलब ये हैं कि इन 15 सालों में देश में हर दिन मोहब्बत के नाम पर 7 कत्ल किये गये, प्यार में 14 लोगों ने रोजाना खुदकुशी की, और 47 अपहरण की वारदात भी दर्ज की गई।

आत्महत्या के मामले में पश्चिम बंगाल नंबर वन पर है। यहां पर पिछले 14 सालों में 15 हजार लोगों ने खुदकुशी की है। इस मामले में दूसरा नंबर तमिलनाडु का है जहां 9,405 लोगों ने सुसाइड किया है। असम, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, मध्य प्रदेश भी प्यार के मामले खुदकुशी में पीछे नहीं रहे। इन राज्यों में 5 हज़ार लोगों ने प्यार में नाकाम होकर जानें दी। समाजशास्त्रियों का कहना है कि, प्यार पर पारिवारिक बंदिशें, जाति, धर्म, सोशल स्टेट्स की वजह से लोग सुसाइड करने पर मजबूर होते हैं।

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